आम के औषधीय गुण | 10 Health Benefits of mangoes



आम के औषधीय गुण

आज की पोस्ट में हम बात करेंगे आम के फल से आम के पेड़ से कौन-कौन से रोगों का निदान किया जा सकता है यह सारी जानकारी आज की हम इस पोस्ट में जानेंगे।

फलो का राजा

आम के बारे में तो हम सभी जानते कि आम एक बहुत अच्छा फल है जो लगभग हर जगह आसानी से मिल जाता है जिसको हम गर्मी के दिनों में सभी लोग खाते हैं और आम का जूस पीते हैं तो साथ ही यह बहुत पौष्टिक आहार है इसमें विटामिन A ओर C प्रचुर मात्रा में रहता है लेकिन आज हम इसके औषधीय गुणों के बारे में बात करेंगे आम को फलों का राजा भी कहा जाता है और इसके कुछ औषधीय प्रयोगों के बारे में हम आज जानते हैं। ओर जाने उल्टी से तुरंत राहत घरेलू उपाय को अपनाये

त्वचा के रोग में लाभदायक

त्वचा रोग :आम के कच्चे फलों को तोड़कर कुचलकर कपड़े से छानकर रस निकाल ले रस का एक चौथाई भाग वितरित स्प्रिट या शुद्ध अल्कोहल मिलाकर शीशी में भरकर रखें इसे 2 दिन बाद प्रयोग करें इसको लगाने से पुरानी दाद ,खुजली आदि  शीघ्र मिटती है इसे रुई की फुवेरी से लगाने से फूटी हुई गले की गांठ भगंदर पुराने फोड़े आदि जड़ से दूर हो जाते हैं।

घमोरियां: गर्मी के दिनों में शरीर पर पसीने के कारण छोटी-छोटी फुंसियां हो जाती है इन पर कच्चे आम के बुने हुए गुर्दे को लगाने से घमोरियां में बहुत हद तक लाभ मिलता है।

शरीर पुष्टि के लिए:

नित्य प्रातः काल मीठे आम का रस और उसमें सोंठ व छुआरे डालकर दूध में पीने से पुरुषोतत्व में वृद्धि और शरीर पुष्ट होता है।

किसी जहरीले कीड़े के डंक मारने में लाभदायक

विश चिकित्सा : आम की गुठली को जल के साथ पीसकर  भंवरी ,मधुमक्खी, ततैया बिच्छू आदि जहरीले कीड़े मकोड़े के काटे वाले स्थान पर लगाने से जलन व दर्द कम हो जाती है ।

मुख रोग : आम के फल की छाल व पत्तों को बरोबर मात्रा में  पीसकर जल में मिलाकर कुल्ला करने से दांत के मसूड़े मजबूत होते हैं।ओर पढे- चेहरे पर ग्लो लाये कुछ आसान टिप्स

खांसी : पके हुए आम को आग में भूनकर ठंडा होने पर धीरे-धीरे चूसने से सूखी खांसी खत्म हो जाती है।

हिचकी रोग :

हिचकी आने पर आम के ताजे पत्तों को कूटकर निकाले गए रस में दो से तीन है मेल थोड़ा शहद मिलाकर सेवन करने से हिचकी बंद हो जाती है

आम के पत्ते व धनिया दोनों को पीसकर कर एक से 2 ग्राम की मात्रा में लेकर कुनकुने जल के साथ सेवन करने से हिचकी में लाभ मिलता है।

बाल झड़ना आम की गुठलियों से तैयार तेल को लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं बाल झड़ना व रूसी में भी इससे लाभ होता है।

सिर दर्द आम की लकड़ी को जल में घिसकर या नीम की लकड़ी को ठंडे पानी में घिसकर मस्तिष्क पर लेप करने से सिर का दर्द बंद हो जाता है।

 प्यास अधिक लगने पर आम की गुठली की गिरी से निर्मित 10 से 20 ml काढ़ा बनाकर उसमें 10 ग्राम मिश्री मिलाकर पीने से अत्यधिक प्यास शांत होती है।

आम के फूलों के रस को एक से दो बूंद नाक में डालने से नाक से खून बहना बंद हो जाता है।

बुखार आने पर आम के 1 से 2 ग्राम फूलों को घी में भूनकर सेवन करने से बुखार में लाभ प्राप्त होता है।

कमजोरी में आम के 11 पदों जो वृक्ष पर ही पक कर पीले रंग के हो गए हो उसे तोड़कर 1 लीटर पानी में उबालें जब पानी आधा शेष रह जाए तो उतार कर उसमें शक्कर और दूध मिलाकर चाय की तरफ पिये ,यह चाय शरीर के समस्त अवयव को शक्ति प्रदान करती है।

आग से झुलसना या जलना या खरोच लगना आदि के लिए आम के पत्तों की राक बहुत ही उत्तम होती है इसको घाव पर लगाने से घाव बहुत जल्दी भर जाते हैं।

विशेष Tips ..

आम के कच्चे फलों को अधिक खाने से मलेरिया ,रक्त विकार, कब्जे एवं नेत्र रोग उत्पन्न होते हैं।

आम के खाने के बाद पाचन संबंधी शिकायत होने पर दो-तीन जामुन खा ले जामुन में आम को पचाने की तीव्र शक्ति है जामुन उपलब्ध ना होने की सिचुएशन में चुटकी भर नमक और सोंठ पीसकर खा ले।

यकृत और जलोदर के रोगी को आम नहीं खाना चाहिए।

कच्चे आम का सेवन करने से यूरिक अम्ल बढ़ता है अतः गठिया के रोगी को इसका सेवन नही करना चाहिए।ओर जाने: शरीर में खून बढ़ाने का घरेलु उपाए

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