Amarbel ke fayde | अमरबेल के फायदे

अमरबेल के फायदे

आज हम बात करेंगे अमरवेल के बारे में अमरवेल के औषधीय गुणों के बारे में और यह किस किस प्रकार से लाभदायक है हमारे लिए यह सारी जानकारी आज हम विस्तार पूर्वक इस पोस्ट में जानेंगें |

यह एक ही वृक्ष पर प्रतिवर्ष पुनः नया पौधा बन जाता है अमरबेल तथा यह वृक्ष के ऊपर फैलती है भूमि से इसका कोई संबंध नहीं रहता है यह आकाश बेल आदि नामों से भी पुकारी जाती है अमरबेल एक परजीवी और पराश्रयी लता है।

इसमें से महीन सूत्र निकलकर वृक्ष की डालियों का रस चूसते थे जिससे यहां फलती फूलती जाती है परंतु इसका आश्रय दाता धीरे-धीरे सूखकर समाप्त हो जाता है।

आयुर्वेदिक गुण अमरबेल

  • मुख रोग अमरबेल के 5 अंगों को अच्छे से पीसकर लेप बना लें और वहां लेब जीत पर लगाएं जिससे जीत के घाव बहुत शीघ्र भर जाते हैं।
  • Abdominal disorder अमरबेल को उबालकर और उस को पीसकर फिर पेट पर बांधने से Abdominal disorder मैं बहुत लाभ मिलता है ।(पेट के रोगों में)

अमरबेल का आधा लीटर रस निकाल ले और उसमें एक किलोग्राम मिश्री मिलाकर मंद आंच पर पकाने पर शरबत बन जाता है फिर उसको सुबह-शाम दो-दो ml जल के साथ मिलकर पिने से वातगुल्म ओर पेट का दर्द बंद होता है।

  • बवासीर रोग:

अमरबेल के 10 मिलीलीटर रस में 5 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर अच्छे से घोट ले और उसको डेली सुबह पीने से 3 दिन में ही खूनी और बादी दोनों बवासीर मैं बहुत लाभ मिलता है।

  • प्रजनन संस्थान रोग

गर्भावस्था के बाद अगर गर्भवती महिला की प्लेसेंटा नहीं निकल रही हो तो उसको अमरबेल का 10 से 20 ml काड़ा पिलाने से गर्भवती महिला की placenta जल्दी निकल जाती है।

  • अंडकोष की सूजन: 

अमरबेल का रस निकालकर उसका काढ़ा बना ले काडा बनाने के बाद उस काडे से अंडकोष की भाग लेने से अंडकोष की सूजन उतर जाती है।

  • गठिया रोग में: 

अमरबेल को सुखाकर उसको पीस ले और पीसने के बाद लेप बनाकर थोड़ा गर्म करके उसका लेप लगाने से गठिया रोग में आराम मिलता है ओर सूजन भी उतर जाती है , अमरबेल का काढ़ा बनाकर स्नान करने से भी दर्द में काफी लाभ मिलता है।

  • त्वचा रोग में :
  • घाव भरने में  अमरबेल के 2- 4 ग्राम चूर्ण को या ताजी बेल को पीसकर उसमें सोंठ और घी मिलाकर लेप करने से पुराना घाव भी बहुत जल्दी भर जाता है।

अमरबेल के पौधे का सार जो चिपचिपा पदार्थ रहता उसका लेप करने से खुजली में लाभ मिलता है।

  • बुखार में   अमहरबेल के पंचांग चूर्ण का सेवन करने से बुखार में लाभ मिलता है।

 

 

 

 

 

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